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शनिवार, 9 अप्रैल 2011

इस देश की जनता के असली आजादी और भ्रष्ट मंत्रियों व उनके पार्टनर धनपशु उद्योगपतियों के बर्बादी का राजपत्र....

9 अप्रेल 2011 एक बार फिर इस देश के दूसरी आजादी के लड़ाई के जीत तथा इस देश की जनता के असली आजादी और भ्रष्ट मंत्रियों व उनके पार्टनर धनपशु उद्योगपतियों के बरबादी के शुरुआत का प्रतीक बन गया है |


आजादी की लड़ाई के बाद किसी भी आन्दोलन को इस तरह का जन समर्थन पहली बार मिला है ये लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है....इस आजादी के दूसरी लड़ाई के नायक बने अन्ना हजारे जी तथा अरविन्द केजरीवाल जी तथा इसके योद्धा बने मेरे जैसे लाखों लोग जिन्होंने अपना कीमती तन,मन व धन की आहुति देकर इस युद्ध को सफल बनाया ,बस अब जरूरत है इस लड़ाई के परिणामों के लिए सरकार में बैठे भ्रष्टाचारियों से लड़ते रहने की तथा इस लड़ाई के जज्बे को हर घर तक पहुँचाने की ...आप लोग भी देखिये इस लड़ाई को तस्वीरों की नजर से...
भ्रष्टाचारियों से भरी सरकार द्वारा जनता की ताकत से डरकर घुटने के बल चलकर जारी किया गया राज पत्र..

यहाँ आये हर बच्चे की पुकार थी जन लोकपाल

ये लोग कह रहे थे भ्रष्टाचारियों की तीन दबाई जूते ,चप्पल और पिटाई...

ये सब जेल भरो आन्दोलन का इंतजार कर रहे थे...

यहाँ लोग अपने आपको आजादी की दूसरी लड़ाई में रजिस्टर कर रहे थे..

इनका प्रिंटिंग का कारोबार है जिन्होंने फ्री में बेनर पोस्टर का आफर दिया लेकिन इनके सहयोग की  जरूरत नहीं परी क्योकि पहले से ही बरी मात्रा में छपवा लिया गया था..ऐसे लोगों की निःस्वार्थ सहयोग की वजह से ही ये लड़ाई सफल हुआ..






राष्ट्रिय भ्रष्टाचार उन्मूलन समिति के अध्यक्ष दुर्गेश सिंह शेंगर जैसे लोग अपने सभी कार्यकर्ताओं के साथ इस लड़ाई में दिन रात शामिल थे..

हर व्यक्ति अपने आपको इस आजादी की दूसरी लड़ाई में भागीदारी को अपने कैमरे में कैद कर यादगार बना लेना चाहता था...
मेरे मित्र अनुराग मुस्कान ने इस मुहीम को देश के लिये सबसे बरा जश्न कहा...उनके चेहरे पे पूरे देश की ख़ुशी थी..पत्रकारिता ने अपना धर्म इस मुहीम के लिये ईमानदारी से निभाया...

पूर्व आयकर आयुक्त विश्व बंधू गुप्ता जी से मैंने पूछा की मनमोहन सिंह जी इमानदार हैं क्या...तो उन्होंने गुस्से में लाल होते हुए बोला कौन कहता है की मनमोहन सिंह इमानदार है...इसे हमारे सामने खड़ा करो तब इसको बताऊंगा की कितना इमानदार है...गुप्ता जी जैसे जांबाज लोग इस लड़ाई के जोश को जंतर मंतर पर बढ़ा रहे थे...

अरविन्द केजरीवाल जी अपने सदाबहार मुस्कान से सबका स्वागत कर रहे थे...

ये लोग वो असली हीरो हैं जिन्होंने पूरी दिल्ली में इस मुहीम को शुरुआत से लेकर जंतर-मंतर तक पहुँचाया ..

8 अप्रेल की रात को जीत की ख़ुशी मानते लोग...

8 अप्रेल  2011 की रात शांति भूषन जी (पूर्व कानून मंत्री)सरकार द्वारा अन्ना जी के सभी मांग को मान लिये जाने के बाद लोगों को संबोधित करते हुए...

8 अप्रेल 2011 को जंतर-मंतर दिल्ली पर उमरा विशाल जन समूह ..

इसके अलावे मैं खुशदीप सहगल जी,पदम् सिंह जी तथा अजय कुमार झा जैसे ब्लोगरों का हार्दिक धन्यवाद करता हूँ की इन लोगों ने इस मुहीम को कामयाब बनाने में तथा लोगों को जंतर-मंतर तक आने के लिये प्रेरित करने में बहुत बड़ा योगदान दिया...